क्या तरावीह की नमाज़ और क़ियाम की नमाज़ के बीच अंतर है ?

5,732

प्रश्न 2730

मैं तरावीह और क़ियाम की नमाज़ के बीच अंतर जानना चाहता हूँ।

उत्तर का पाठ

हर प्रकार की प्रशंसा एवं गुणगान केवल अल्लाह के लिए योग्य है, तथा दुरूद व सलाम की वर्षा हो अल्लाह के रसूल पर। इसके बाद :

तरावीह की नमाज़, क़ियामुल्लैल ही में से है। वे दोनों दो अलग-अलग नमाज़ें नहीं हैं, जैसाकि बहुत से लोग गुमान करते हैं, बल्कि रमज़ान के महीने में क़ियामुल्लैल को तरावीह की नमाज़ कहा जाता है। क्योंकि सलफ (हमारे पूर्वज) रहिमहुमुल्लाह जब उसे पढ़ते थे, तो हर दो रकअत या चार रकअतों के बाद आराम करते थे, इसलिए कि वे महान पुण्य के अवसर का लाभ उठाते हुए और नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के निम्न कथन में वर्णित सवाब की आशा और अभिलाषा रखते हुए क़ियामुल्लैल की नमाज़ को लंबी करने में कड़ी मेहनत करते थेः

''जिसने ईमान रखते हुए और पुण्य की आशा रखते हुए रमज़ान का क़ियाम किया, उसके पिछले (यानी अतीत के) पाप क्षमा कर दिए जायेंगे।'' इसे बुखारी (हदीस संख्या : 36) ने रिवायत किया है। और अल्लाह तआला ही सबसे अधिक ज्ञान रखता है।

संदर्भ

तरावीह की नमाज़ और शबे-क़द्र
रात की नमाज़ (तहज्जुद)

स्रोत: 

शैख मुहम्मद सालेह अल-मुनज्जिद

न्यूज़लेटर

इस्लाम प्रश्न और उत्तर वेबसाइट के न्यूज़लेटर की सदस्यता लें

इस्लाम प्रश्न और उत्तर एप्लिकेशन

सामग्री तक त्वरित पहुँच और ऑफ़लाइन ब्राउज़िंग के लिए

App StoreGoogle Play